रूस में चिता शहर की अदालत ने LGBT क्लब "जैक्सन" की मालकिन की सज़ा "LGBT-चरमपंथ" मामले में बढ़ाई

ज़ाबायकाल्स्की क्षेत्रीय न्यायालय ने चिता (रूसी सुदूर पूर्व का एक शहर) के क्लब “जैक्सन” (पूर्व नाम “तोचका”) की मालकिन तात्याना ज़ोरिना (Татьяна Зорина) की सज़ा कड़ी कर दी है — उनकी कारावास की अवधि 4 साल से बढ़ाकर 6 साल 2 महीने की कॉलोनी (दंड शिविर) कर दी गई है। यह जानकारी «Коммерсантъ» ने दी।

अदालत ने इसके साथ ही क्लब की गतिविधियों से अर्जित 7 लाख 66 हज़ार रुबल से अधिक की राशि ज़ब्त करने का भी आदेश दिया। शेष निर्णय यथावत रखा गया है और अदालत की वेबसाइट पर इस मामले की जानकारी को गोपनीय कर दिया गया है।

मूल रूप से मार्च 2026 में चिता की इंगोदिंस्की जिला अदालत (Ингодинский районный суд) ने 23 वर्षीया ज़ोरिना को “चरमपंथी संगठन की गतिविधियों के आयोजन” (रूसी संघ की आपराधिक संहिता की धारा 282.2) का दोषी पाया था। मामला क्लब के संचालन को लेकर दर्ज किया गया था, जहाँ थीम-आधारित पार्टियाँ आयोजित की जाती थीं।

क्लब की गतिविधियाँ अक्टूबर 2024 में सुरक्षाबलों के एक छापे के बाद बंद कर दी गई थीं, जिसमें राष्ट्रवादी संगठन “रूसकाया ओब्श्चीना” (Русская община, “रूसी समुदाय” आंदोलन) के प्रतिनिधि भी शामिल थे। पहला फ़ैसला सुनाए जाने से पहले तात्याना ज़ोरिना गृह-नज़रबंदी में थीं।

ज़ोरिना का मामला “LGBT-चरमपंथ” संबंधी धारा के तहत अभियोजन का चौथा ज्ञात मामला बन गया है। इससे पहले ओरेनबुर्ग के क्लब Pose के प्रबंधन, समारा के कार्यकर्ता आर्त्योम फोकिन (Артём Фокин) और इन्ज़ा के उद्यमी इल्या झुरावल्योव (Илья Журавлёв) के विरुद्ध इसी तरह के आरोप लगाए गए थे।