बुर्किना फासो की संसद ने नई दंड संहिता में समलैंगिक संबंधों की सज़ा शामिल की
बुर्किना फासो की संसद ने 20 अक्टूबर 2026 को राजधानी औगाडौगू में नई दंड संहिता पारित की, जिसमें समान लिंग के लोगों के बीच यौन संबंधों के लिए आपराधिक दंड का प्रावधान है। संसद की विज्ञप्ति के अनुसार, मतदान में शामिल सभी 71 सांसदों ने विधेयक का समर्थन किया।
न्याय मंत्री एडासो रोड्रिग बायाला ने बताया कि समलैंगिक संबंधों और उनके “प्रचार” से जुड़े प्रावधान पहले से व्यक्ति और परिवार संहिता में मौजूद थे। अपराधों और दंडों के प्रावधान एक जगह लाने के लिए इन्हें दंड संहिता में स्थानांतरित किया गया है, Justice Infos Burkina ने बताया। इसलिए अक्टूबर का मतदान पहली बार यह आपराधिक प्रतिबंध लागू करने का फैसला नहीं है।
मानवाधिकार संगठन Human Dignity Trust के अनुसार, व्यक्ति और परिवार संहिता 1 सितंबर 2025 को पारित हुई और उसी वर्ष 25 सितंबर को उस पर हस्ताक्षर हुए। उसकी धारा 210-3 ने आपसी सहमति से बने समलैंगिक यौन संबंधों और उनके “प्रचार” के लिए दो से पांच वर्ष की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया। यह सज़ा वर्ष 2025 के प्रावधान से संबंधित है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सितंबर 2025 में ही समान लिंग के वयस्कों के बीच सहमति से बने संबंधों को अपराध बनाने की आलोचना की थी। संगठन ने कहा था कि इससे कानून के समक्ष समानता और निजी तथा पारिवारिक जीवन के सम्मान के अधिकारों का उल्लंघन होता है।
नई संहिता में 933 धाराएं हैं और यह 2018 के आपराधिक कानून में संशोधन करती है। अधिकारियों के अनुसार, सुधार का उद्देश्य अपराध के नए रूपों से निपटना और सार्वजनिक सुरक्षा मजबूत करना है। सरकारी समाचार एजेंसी AIB के अनुसार, संहिता आतंकवाद, जासूसी और देशद्रोह सहित कुछ अपराधों के लिए मृत्युदंड भी बहाल करती है। संसद की विज्ञप्ति समलैंगिक संबंधों से जुड़े नए प्रावधानों की सटीक सज़ा या संहिता लागू होने की तारीख नहीं बताती।


